Nuclear Physicist kaun hote hai: न्यूक्लियर फिजिसिस्ट का क्या काम होता है?

0
Nuclear Physicist kaun hote hai

Nuclear Physicist kaun hote hai

आप में से बहुत से लोग न्यूक्लियर फिजिसिस्ट का काम करना चाहते होंगे लेकिन उन्हें इसके बारे कोई जानकारी नहीं होगी तो आइए आज हम आपको इस आर्टिकल में न्यूक्लियर फिजिसिस्ट के बारे में पूरी जानकारी देते हैं तो न्यूक्लियर फिजिसिस्ट का काम सांइस की फील्ड में नई नई खोजें करना होता है तो अगर आप भी नई नई खोजें करना पसंद करते हैं तो आप इस पोस्ट पर जाब कर सकते हैं और इस फील्ड में आगे जा सकते हैं तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी होता है तो इसीलिए आज हम आपको न्यूक्लियर फिजिसिस्ट से रिलेटेड पूरी इन्फार्मेशन देंगे.

Table of Contents

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट कौन होते हैं?

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट की स्टडी का आधार न्यूक्लियर पावर होती है  ये एक ऐसे रिसर्चर्स होते हैं जो एटम में पाए जाने वाले न्यूक्लिक के स्ट्रक्चर  और प्रापर्टी का अध्ययन करके ये बताते है कि न्यूक्लिक की सहायता से सांइस को किस तरह से ग्रो किया जाता है.

Nuclear Physicist kaun hote hai
Nuclear Physicist kaun hote hai

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या होनी चाहिए?

अंडर ग्रेजुएशन डिग्री

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट बनने के लिए न्यूक्लियर इंजीनियरिंग, न्यूक्लियर साइंस या फिजिक्स में बैचलर डिग्री होनी जरूरी है.

पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री

न्यूक्लियर इंजीनियरिंग, न्यूक्लियर साइंस और न्यूक्लियर फिजिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के लिए कैंडिडेट में न्यूक्लियर रिसर्चर के तौर पर काम करने की स्किल्स होना जरूरी होता है इसलिए इसमें ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आपको मास्टर डिग्री लेना आपके लिए सही रहेगा और क्योंकि आपको सारी चीजें अच्छे से सिखाई जाती हैं.

यह भी पढ़े: एयर होस्टेस कैसे बने? 

डाक्टोरल प्रोग्राम

मास्टर्स डिग्री पूरी करने के बाद आप न्यूक्लियर फिजिक्स में पीएचडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं और इसमें आपको एक्जाम पास करने, रिसर्च कन्डक्ट करने और डिसीटेशन तैयार करने जैसे कई कार्य करने होंगे.

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट बनने के लिए कैंडिडेट में कौन सी स्किल्स होनी जरूरी है?

  • कैंडिडेट को फिजिक्स, केमिस्ट्री, इंजीनियरिंग, मैथमैटिक्स आदि विषय अच्छे से आनी चाहिए.
  • कैंडिडेट में डिसिप्लिन और सेल्फ कांफिडेंस होना जरुरी है.
  • कैंडिडेट की कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी होनी चाहिए और टीम वर्क आना चाहिए.
  • आप में डिफरेंट कम्प्यूटर प्रोग्राम को हैंडल करने की भी स्किल्स होनी चाहिए.
  • एक न्यूक्लियर फिजिसिस्ट बनने के लिए कैंडिडेट को इंग्लिश भाषा अच्छे से आती हो.
  • न्यूक्लियर साइंस बनने के लिए कैंडिडेट को फील्ड में नये रिसर्च करने और चैलेंजस को फेज करने का डिटरमिनेशन और कामेंटमेंट होना बहुत जरूरी होता है.

यह भी पढ़े: DM vs ADM vs SDM किसके पास ज्यादा पावर होती है?

इंडिया के बेस्ट न्यूक्लियर फिजिसिस्ट इंस्टीट्यूट कौन से हैं?

इंडिया के ये कुछ टा़प कालेज हैं तो जहां से आप ग्रेजुएट कम्प्लीट करने के लिए आप आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन ले सकते हैं-

  • स्कूल आफ न्यूक्लियर एनर्जी, गुजरात
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, मुम्बई
  • इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरू
  • इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई
  • इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई
  • साहा इन्स्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिसिस्ट, कोलकाता
  • जीएच रैसोनी कालेज ऑफ इंजीनियरिंग, कानपुर
  • एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नोएडा
  • अन्नाईमथाम्मल शीला इंजीनियरिंग कॉलेज, तमिलनाडु
  • इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर आदि.

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट में हायर स्टडी करने के बाद आपको कौन कौन से कैरियर ऑप्शन मिल सकते हैं?

न्यूक्लियर फिजिक्स में हायर एजुकेशन लेने के बाद आप रिसर्च, न्यूक्लियर पावर, हेल्थ केयर और एनर्जी से रिलेटेड फील्ड में काम करने के लिए कैरियर ऑप्शन पा सकते हैं और जिसमें आप न्यूक्लियर इंजीनियर या न्यूक्लियर में मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट या फिर न्यूक्लियर फिजिसिस्ट पर काम कर सकते हैं एक न्यूक्लियर फिजिसिस्ट न्यूक्लियर एक्सप्लोरेशन से सम्बन्धित सभी फील्डो में आप काम कर सकते हैं और साथ ही साथ हम गवर्नमेंट आर्गेनाइजेशंस से भी जुड़ सकते हैं.

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट करने के बाद आप इंडिया की कौन- सी आर्गेनाइजेशंस में जांब पास करते हैं?

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट करने के बाद आप भारत में इन कुछ आर्गेनाइजेशंस में जांब कर सकते हैं.

  • इन्डियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन ( आइ एस आर ओ),
  • डिपार्टमेंट ऑफ एटामिक एनर्जी (डि ए ई)
  • इन्स्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रोन सेंटर
  • यूरेनियम कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • एटामिक मिन्ड्रटल डायरेक्टर ऑफ एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च
  • न्यूक्लियर फ्यूल काम्प्लेक्स
  • एटामिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड
  • न्यूक्लियर पावर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बी ए आर सी)
  • साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स
  • डिफेंस रिसर्च ऑफ डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशंस (डी आर डी ओ) आदि.

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट को कौन सी कंपनी हायर कर सकती हैं?

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट को हायर करने वाली आर्गेनाइजेशंस निम्नलिखित हैं-

  • प्राइवेट रिसर्च क्वालिटी एंड डेवलपमेंट कंट्रोल लैब्स
  • एनर्जी रिसर्च सबस्टेशन्स एंड एनर्जी आर्गेनाइजेशंस
  • प्राइवेट डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशंस एंड मेडिकल लैब्स आदि.

न्यूक्लियर फिजिसिस्ट की प्रतिमाह सैलरी कितनी होती है?

एक न्यूक्लियर फिजिसिस्ट की पोस्ट पर काम करने वाले कैंडिडेट  को लगभग  20 से 25 लाख रुपए तक सैलरी मिलती है और इस फील्ड में सैलरी बहुत ही ज्यादा होती है और इस पोस्ट पर काम करने वाले कैंडिडेट को उनके एजुकेशनल स्किल्स और एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ साथ सैलरी बढ़ती जाती है.

यह भी पढ़े: Notepad kya hai in Hindi: नोटपैड क्या है?

आज आपने क्या सीखा?

तो आज इस आर्टिकल में हमने आपको न्यूक्लियर फिजिसिस्ट बनने से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है उम्मीद करती है कि ये जानकारी आपको अच्छे से समझ में आ गई होगी इसके अलावा अगर आपका इससे रिलेटेड कोई सवाल है या फिर किसी अन्य टॉपिक के बारे में आपका कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *